Increase |  Decrease |  Normal

Current Size: 100%

Share this
Syndicate content

शशिकांत

Syndicate content
Updated: 9 hours 49 min ago

<div dir="ltr" style="text-align: left;

Thu, 04/05/2017 - 00:08








<div dir="ltr" style="text-align: left;

Thu, 04/05/2017 - 00:02
डॉ. शशिकांत, सहायक प्रोफ़ेसर, हिंदी विभाग,  मोतीलाल नेहरु कॉलेज, दिल्ली वि.वि. दिल्ली 

लेखक विषय संवाद साभार अनुवादक

पहले वो आए साम्यवादियों के लिए

और मैं चुप रहा क्योंकि मैं साम्यवादी नहीं था

 

फिर वो आए मजदूर संघियों के लिए

और मैं चुप रहा क्योंकि मैं मजदूर संघी नहीं था

 

फिर वो यहूदियों के लिए आए

और मैं चुप रहा क्योंकि मैं यहूदी नहीं था

 

फिर वो आए मेरे लिए

और तब तक बोलने के लिए कोई बचा ही नहीं था

 

मार्टिन नीमोलर (1892-1984)