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रविवार

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रविवार : हिन्दी | Raviwar : Hindi
Updated: 4 hours 46 min ago

प्रीतीश नंदी

Tue, 12/12/2017 - 22:30
महिलाओं से घबराने वाला समाज

रघु ठाकुर

Tue, 12/12/2017 - 22:30
रोहिंग्या मामले के मानवीय व राष्ट्रीय पहलू

संदीप पांडे

Tue, 12/12/2017 - 22:30
भारत में महिलाओं की स्थिति

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

Tue, 12/12/2017 - 22:30
यह नागार्जुन का अपमान

लेखक विषय संवाद साभार अनुवादक

पहले वो आए साम्यवादियों के लिए

और मैं चुप रहा क्योंकि मैं साम्यवादी नहीं था

 

फिर वो आए मजदूर संघियों के लिए

और मैं चुप रहा क्योंकि मैं मजदूर संघी नहीं था

 

फिर वो यहूदियों के लिए आए

और मैं चुप रहा क्योंकि मैं यहूदी नहीं था

 

फिर वो आए मेरे लिए

और तब तक बोलने के लिए कोई बचा ही नहीं था

 

मार्टिन नीमोलर (1892-1984)