Increase |  Decrease |  Normal

Current Size: 100%

Share this
Syndicate content

छम्मकछल्लो कहिस

Syndicate content
Tensions in life leap our peace. Chhammakchhallo gives a comic relief through its satire, stories, poems and other relevance. Leave your pain somewhere aside and be happy with me, via chhammakchhallokahis.
Updated: 3 hours 15 min ago

Beautiful moments- पति पत्नी के जोक्स का उल्टा पुल्टा रूप -39

Sat, 23/09/2017 - 06:46
Two versions of one joke- husband angel and wife angel. See the difference. Tell me, did you laugh equally?

Situation -1
I was mugged by a thief last night on my way home. Pointing a knife at me ... He asked me "your money or your life!"

I told him I was married... so I have no money and no life...

We hugged and cried together.

It was a beautiful moment...

मम्मी पापा क्या करते हैं? पति पत्नी के जोक्स का उल्टा पुल्टा रूप-38

Tue, 19/09/2017 - 22:37
स्कूल में दाखिले के समय

अध्यापिका ने पप्पू से पूछा-
" बेटा तुम्हारे पिता क्या करते हैं ?"

पप्पू- जो मम्मी बोलती हैं ।

रोग नहीं, वरदान- पति पत्नी के जोक्स का उल्टा पुल्टा रूप-37

Mon, 18/09/2017 - 13:57
पप्पू : डॉक्टर साहब कुछ सुनाई नहीं दे रहा..
डॉक्टर : कब से?
पप्पू : जब से शादी हुई है..
*डॉक्टर : यह रोग नहीं .. वरदान है..*

चिंकी : डॉक्टर साहब कुछ सुनाई नहीं दे रहा..
डॉक्टर : कब से?
चिंकी: जब से शादी हुई है..
*डॉक्टर : यह रोग नहीं .. वरदान है..*

करवा चौथ- कड़वा चौथ: पति पत्नी के जोक्स का उल्टा पुल्टा रूप-36

Sat, 16/09/2017 - 21:20
नए शोध से पता चला है –

“यदि पत्नी *करवाचौथ के व्रत*  की   बजाय  

निजता का अधिकार- पति पत्नी के जोक्स का उल्टा पुल्टा रूप-35

Sun, 27/08/2017 - 02:55
निजता का अधिकार ..... RIGHT TO PRIVACY !
,( शादीशुदा मर्दों के लिए )
अब पत्नी अपने पतिसे पूछ नहीं सकेगी ...
- वो कहाँ है ?
-कब आरहे हो ?
-किसके साथ हो ?
-किस से बातीं कर रहे हो ?
-तुम्हारी आय कितनी है ?
-कहाँ जा रहे हो ?
- अब तक कहाँ थे ?
इत्यादि ...इत्यादि
.
.
साथियों क्या सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का मैंने सही अर्थ समझा है ? कृपया मेरी मदद करें और अपनी राय अवश्य दे।
निजता का अधिकार ..... RIGHT TO PRIVACY !
,( शादीशुदा औरतों के लिए )
अब पति अपनी पत्नी से पूछ नहीं सकेंगे...
- वो कहाँ है ?
-कब आ रही हो ?
-किसके साथ हो ?
-किस से बातें कर रही हो ?
-तुम्हारी आय कितनी है ?
-कहाँ जा रही हो ?
- अब तक कहाँ थी ?
इत्यादि ...इत्यादि
.
.
साथियों! क्या सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का मैंने सही अर्थ समझा है ? कृपया मेरी मदद करें और अपनी राय अवश्य देI

लेखक विषय संवाद साभार अनुवादक

पहले वो आए साम्यवादियों के लिए

और मैं चुप रहा क्योंकि मैं साम्यवादी नहीं था

 

फिर वो आए मजदूर संघियों के लिए

और मैं चुप रहा क्योंकि मैं मजदूर संघी नहीं था

 

फिर वो यहूदियों के लिए आए

और मैं चुप रहा क्योंकि मैं यहूदी नहीं था

 

फिर वो आए मेरे लिए

और तब तक बोलने के लिए कोई बचा ही नहीं था

 

मार्टिन नीमोलर (1892-1984)