संदर्भ
बी बी सी पर विशेष पेशकश
पिछले तीन दशक से भी ज़्यादा समय से दक्षिण बिहार और झारखंड के देहाती इलाक़े असंतोष में खदबदा रहे हैं. गया, औरंगाबाद, कैमूर, डाल्टनगंज आदि ज़िलों में पहले माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर और फिर माओवादी पार्टी हथियारबंद संघर्ष चला रही है. ये आंदोलन कभी धीमा पड़ जाता है तो फिर रह रह कर भड़क उठता है. हमारे [बी बी सी के] संवाददाता राजेश जोशी ने बिहार चुनावों के बाद माओवादी हथियारबंद छापामारों के साथ इन इलाक़ों की यात्रा की और पता लगाने की कोशिश की कि इन गाँवों के लोग क्यों क्रोधित हैं.
चार लाख का एक, सात लाख के दो
उत्तराखंड का जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क हो या उत्तर प्रदेश का दुधवा, बाघ कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं. खुफिया कैमरों से लैस मनमोहन गुप्ता और वीके शशिकुमार ने अपनी दो महीने लंबी जोखिम भरी पड़ताल में बाघ और दूसरे वन्यजीवों के अंगों का कारोबार करने वाले कई तस्करों को कैमरे पर उतारा
तस्करों का एक नेटवर्क, जिसकी जड़ें चीन, नेपाल और भारत में फैली हुई हैं, देश के जंगलों को खाली करता जा रहा है. उसके निशाने पर खास तौर से भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ है. औसतन हर दो हफ्ते में भारत में एक बाघ मारा जा रहा है. तेंदुए के मामले में यह आंकड़ा प्रति दिन एक का है. फर के लिए हर दिन कितनी लोमड़ियों और ऊदबिलावों का शिकार होता है, इसकी कोई गिनती ही नहीं.
ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति का इस्तीफ़ा
ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति ज़ैनअल आब्दिन बेन अली ने इस्तीफ़ा दे दिया है. वह 23 वर्षों से सत्ता शीर्ष पर क़ाबिज़ थे. प्रधानमंत्री मोहम्मद गनूशी ने देश का अंतरिम शासन संभालने की घोषणा करते हुए सरकारी टेलीविज़न पर बेन अली के पद से हटने की बात बताई. देश में महंगाई, बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लगातार कई हफ़्तों से आंदोलन चला रहे प्रदर्शनकारियों की मुख्य माँग राष्ट्रपति के इस्तीफ़े की ही थी.
छात्रों पर लगे मॉनिटर हटाए जाएं: भारत
अमरीका में पहले तो एक फर्जी विश्वविद्यालय ने भारतीय छात्रों को ठगा और अब छात्र वीज़ा खत्म होने पर छात्रों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है. भारत सरकार ने बंद हो चुकी कैलिफॉर्निया की ट्राई वैली यूनिवर्सिटी के भारतीय छात्रों पर निगरानी के लिए मॉनिटरिंग सिस्टम लगाने को गैर ज़रूरी और ‘अनुचित’ बताते हुए इसे हटाने की मांग की है. ट्राई वैली यूनिवर्सिटी के छात्रों का वीज़ा अब खत्म हो चुका है और अब इन्हें भारत लौटना पड़ सकता है. ऐसे में स्थानीय प्रशासन ने इन छात्रों से पूछताछ की और उन्हें जीपीएस तकनीक से लैस रेडियो कॉलर पहनने के लिए मजबूर किया.
2011-01-20 - एक नक्सली की डायरी (1)
2011-01-30 - एक नक्सली की डायरी (2)
2011-01-30 - एक नक्सली की डायरी (3)
2011-01-30 - एक नक्सली की डायरी (4)
2011-01-30 - एक नक्सली की डायरी (5)
2011-01-30 - एक नक्सली की डायरी (6)
समकालीन तीसरी दुनिया (अक्तूबर 2010 अंक)
समकालीन तीसरी दुनिया (सितंबर 2010 अंक)
कश्मीर कभी भारत का अभिन्न अंग नहीं रहाः अरुंधती रॉय
जर्मन रेडियो डॉयचि-वेले पर अरुंधती रॉय की कश्मीर के बारे में टिप्पणी पर एक रिपोर्ट (25 अक्तूबर, 2010)
अरूंधती : क़लम की नायिका
बी बी सी हिन्दी पर अरुंधती रॉय के बारे में एक रिपोर्ट (मार्च, 2002)
समकालीन तीसरी दुनिया (अगस्त 2010 अंक)
आज़ाद की हत्या के बारे में तथा अन्य सामग्री
कम्यूनिस्ट कैपिटलिज्म एक भयानक चीज है- अरुंधति राय
सुप्रसिद्ध लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता अरुंधति राय से आलोक प्रकाश पुतुल की बातचीत
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| लेखक | विषय | संवाद | साभार | अनुवादक |
पहले वो आए साम्यवादियों के लिए
और मैं चुप रहा क्योंकि मैं साम्यवादी नहीं था
फिर वो आए मजदूर संघियों के लिए
और मैं चुप रहा क्योंकि मैं मजदूर संघी नहीं था
फिर वो यहूदियों के लिए आए
और मैं चुप रहा क्योंकि मैं यहूदी नहीं था
फिर वो आए मेरे लिए
और तब तक बोलने के लिए कोई बचा ही नहीं था
