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मनमोहन

Manmohan

हम तुम्हें मार देंगे

मनमोहन

 

भूखा मार देंगे

या खिला-खिला कर मार देंगे

हम तुम्हें मार देंगे


दूर रखकर

या पास बुलाकर

सामने से या पीछे से

अकेला करके

या किसी कबीले में खड़ा कर के

बटन दबाकर

या किसी क़रार पर दस्तख़त कर के

हम तुम्हें मार देंगे

ज़िन्दा जला कर मार देंगे

फूलों से दबाकर मार देंगे


हम तुम्हें अमर कर देंगे

और इस तरह तुम्हें मार देंगे


हम तुम्हें मार देंगे

और जीवित रखेंगे


एक दिन तुम पड़ोसी के मर जाने से ईर्ष्या करोगे

और अपने बचे रहने पर शर्म करोगे


तुम कहोगे कि मैं जल्द से जल्द मरना चाहता हूँ

और हम कहेंगे कि जल्दी क्या है


(कविताकोश से साभार)

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लेखक विषय संवाद साभार अनुवादक

पहले वो आए साम्यवादियों के लिए

और मैं चुप रहा क्योंकि मैं साम्यवादी नहीं था

 

फिर वो आए मजदूर संघियों के लिए

और मैं चुप रहा क्योंकि मैं मजदूर संघी नहीं था

 

फिर वो यहूदियों के लिए आए

और मैं चुप रहा क्योंकि मैं यहूदी नहीं था

 

फिर वो आए मेरे लिए

और तब तक बोलने के लिए कोई बचा ही नहीं था

 

मार्टिन नीमोलर (1892-1984)