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गोरख पाण्डेय

Gorakh Pandey

अधिनायक वंदना

गोरख पाण्डेय

 

जन गण मन अधिनायक जय हे  !

जय हे हरित क्रांति निर्माता

जय गेहूँ हथियार प्रदाता

जय हे भारत भाग्य विधाता

अंग्रेज़ी के गायक जय हे ! जन...

जय समाजवादी रंग वाली

जय हे शांतिसंधि विकराली

जय हे टैंक महाबलशाली

प्रभुता के परिचायक जय हे ! जन...

जय हे ज़मींदार पूंजीपति

जय दलाल शोषण में सन्मति

जय हे लोकतन्त्र की दुर्गति

भ्रष्टाचार विधायक जय हे ! जन...

जय पाखंड और बर्बरता

जय तानाशाही सुन्दरता

जय हे दमन भूख निर्भरता

सकल अमंगलदायक जय हे ! जन...

(रचनाकाल : 1982)


(कविताकोश से साभार)

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लेखक विषय संवाद साभार अनुवादक

पहले वो आए साम्यवादियों के लिए

और मैं चुप रहा क्योंकि मैं साम्यवादी नहीं था

 

फिर वो आए मजदूर संघियों के लिए

और मैं चुप रहा क्योंकि मैं मजदूर संघी नहीं था

 

फिर वो यहूदियों के लिए आए

और मैं चुप रहा क्योंकि मैं यहूदी नहीं था

 

फिर वो आए मेरे लिए

और तब तक बोलने के लिए कोई बचा ही नहीं था

 

मार्टिन नीमोलर (1892-1984)