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धर्मवीर भारती

निष्ठा

रैनेर मरिया रिल्के

मेरी आँखें निकाल दो

फिर भी मैं तुम्हें देख लूँगा
मेरे कानों में सीसा उड़ेल दो
पर तुम्हारी आवाज़ मुझ तक पहुँचेगी

पगहीन मैं तुम तक पहुँचकर रहूँगा
वाणीहीन मैं तुम तक अपनी पुकार पहुँचा दूँगा
तोड़ दो मेरे हाथ,
पर तुम्हें मैं फिर भी घेर लूँगा और
अपने हृदय से इस प्रकार पकड़ लूँगा
जैसे उँगलियों से
हृदय की गति रोक दो और मस्तिष्क धड़कने लगेगा
और अगर मेरे मस्तिष्क को जलाकर खाक कर दो
तब अपनी नसों में प्रवाहित रक्त की
बूँदों पर मैं तुम्हें वहन करूँगा।

अंग्रेज़ी से अनुवाद : धर्मवीर भारती


(कविताकोश से साभार)

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लेखक विषय संवाद साभार अनुवादक

पहले वो आए साम्यवादियों के लिए

और मैं चुप रहा क्योंकि मैं साम्यवादी नहीं था

 

फिर वो आए मजदूर संघियों के लिए

और मैं चुप रहा क्योंकि मैं मजदूर संघी नहीं था

 

फिर वो यहूदियों के लिए आए

और मैं चुप रहा क्योंकि मैं यहूदी नहीं था

 

फिर वो आए मेरे लिए

और तब तक बोलने के लिए कोई बचा ही नहीं था

 

मार्टिन नीमोलर (1892-1984)